Golconda Fort History In Hindi- गोलकोंडा किले का इतिहास और इससे जुडी रोमांचक जानकारी

भारत अपने इतिहास और भूगोल के लिए दुनिया में प्रसिद्ध है भारत में बहुत से किले और महल बने हुए हैं जो कि अपने इतिहास के लिए जाने जाते हैं आज हम ऐसे ही एक किले के बारे में जानेंगे जिसका नाम है गोलकुंडा किला और गोलकोंडा किले का इतिहास के बारे में भी जानेगे हिंदी में,  

इस किले को गोलकोण्डा के नाम से भी जाना जाता है गोलकोंडा किले का इतिहास बहुत रोमांचक है गोलकोण्डा का नाम दो शब्दों से मिलकर बना है गोल्ला ओर कोण्डा, गोल्ला का अर्थ है- गडरिया तथा कोण्डा का अर्थ है- पहाड़ी,

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गोलकुंडा किला हैदराबाद में प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक है यह किला हुसैन सागर झील से 9 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है इस किले का निर्माण लगभग 1600 के दशक में पूरा हुआ था।

इस किले का इतिहास लगभग 400 साल पुराना है जो कि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद से लगभग 11 किलोमीटर दूर पश्चिमी इलाके में स्थित है।

17 वी शताब्दी में यह किला मिट्टी का बना हुआ था जिसके बाद 16 वीं शताब्दी में कुलिकुतुब ने इस मिट्टी के किले को ग्रेनाइट में बदल दिया और एक विस्तृत और मजबूत रूप दे दिया।

गोलकुंडा किले को आर्कियोंलॉजिकल ट्रेजर के स्मारकों की सूची में भी शामिल किया जाता है गोलकोंडा किले में 4 अलग-अलग किले बने हुए हैं यह पूरा गोलकोंडा किला 11 किलोमीटर के एक विशालकाय क्षेत्र में फैला हुआ है।

17 वीं शताब्दी तक गोलकोंडा किले को हीरो का एक प्रसिद्ध बाजार माना जाता था इससे दुनिया को कुछ सर्वोत्तम हीरे मिले जिसमें कोहिनूर भी शामिल है।

गोलकोंडा किले में होने वाली लाइट और साउंड शो के कारण भी यह बहुत प्रसिद्ध माना जाता है इसके लिए की खास बात यह भी है कि किले के मुख्य द्वार पर ताली बजाने पर आप उस तारीख की आवाज किले के सबसे ऊपरी भाग पर सुन सकते हैं।

इस गोलकुंडा किले में कई महल, गढ़, मंदिर, मस्जिद आदि का समावेश है जिनकी जानकारी आपको नीचे पढ़ने को मिलेगी

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गोलकोंडा किले का इतिहास (History of Golconda Fort):-

गोलकुंडा किले का निर्माण मराठा साम्राज्य के समय में हुआ सर्वप्रथम 1143 मेक अ कातिया के प्रताप रूद्र ने इस किले का निर्माण कराया।

लेकिन बाद में इस किले को मुसुनूरी नायक ने जीत लिया उन्होंने तू कल की सेना को वरंगल में हराया था इसके बाद में सन् 1364 मे यह गोलकोंडा किला बहमनी राजाओं ने हासिल कर लिया और यह किला मोहम्मद नगर कहलाने लगा।

फिर इसके बाद में भी कुतुब शाही राजाओं ने इस किले को जीत लिया और इस किले पर शासन किया और इस किले को अपनी राजधानी बना ली 1507 से 62 वर्ष तक की अवधि में 3 कुतुब शाही राजाओं ने इस मिट्टी के किले को ग्रेनाइट के किले में विस्तार कर दिया।

फिर 1687 ई. में इसे औरंगजेब ने हासिल कर लिया।

गोलकोंडा किले की कहानी (Story of Golconda Fort):-

ऐसा मन जाता है की यह रहने वाले एक चरवाहे को इसी जगा एक मूर्ति मिली तो उस चरवाहे ने मूर्ति के बारे में राजा को बताया जब राजा ने उस मूर्ति को देखा तो उस मूर्ति के चारो और एक मिट्टी का विशाल किला बनवाने का आदेश दिया इस प्रकार गोलकोंडा किले का निर्माण हुआ।

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गोलकोंडा किले की वास्तुकला (Architecture of Golconda Fort):-

यह किला 400 फिट की ऊँची पहड़ी पर बना हुआ है और विशाल दीवारों से घिरा है पूरा गोलकोंडा किला 11किलोमीटर की दुरी में फेला हुआ है इस गोलकोंडा किले के अंदर 4 किलो का समावेश है 8 प्रवेश द्वार और 4 उठाऊ पुल है इसमें महीन कारीगिरी, अद्भुद शिल्पशेली और वास्तुकला का सुन्दर दृश्य देख सकते है इसी के साथ यह आप को प्राचीन रंगमंच , विशाल होल भी देखने को मिलेगे।

गोलकोंडा किले का मुख्य प्रवेश द्वार जो पूर्व दिशा में बना हुआ है इसे बाला हेस्सार के नाम से जाना जाता है इस द्वार के किनारों पर महीन कलाकारी की गयी है इसके निचले भाग पर एक विशेष प्रकार का ताला गड़ा हुआ है इस द्वार पर एक मोर का चित्र बना हुआ है जो बहुत ही सुन्दर दिखाई पड़ता है

इस किले के प्रवेश द्वार के सामने एक बड़ी दिवार है जो राज्य को सेनोको ओर हाथियों के आक्रमण से बचाती है।

इस किले के सबसे निचले भाग में एक फतह द्वार भी बना हुआ है इसे विजय द्वार भी कहा जाता है इस दरवाजे के दक्षिणी-पूर्वी किनारे पर अनमोल लोहे की किले जड़ी हुई है।

गोलकोंडा किले में 2 रंगमंच भी बने हुआ हे जो आकर्षण का प्रमुख केंद्र है यह गोंल्कोन्दा किले के बहर की ओर स्थित है ये रंगमंच चट्टान पर बने हुए है

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गोलकोंडा किले के अंदर और भी बहुत सी इमारते है :–

गोलकोंडा किले के अंदर बहुत से देखने लायक इमारते,मंदिर, मस्जिद, महल और किले बने हुआ है जिन पर अद्भुद कारीगरी की गयी है गिन मर सर कुछ निम्न प्रकार है जेसे हब्शी कामंस, अश्लाह खाना, तारामती मस्जिद, रामदास बंदीखाना, कैमल स्टेबल, किल्वट, शमशान स्नान, नगीना बाग, रामास्सा कोठा, दरबार हॉल, अम्बर खाना इत्यादि।

टोली मस्जिद –

टोली मस्जिद कारवाँ में है इसका निर्माण 1671 में मीर मूसा खान महालदार ने किया था जो की कुतुब शाह के कलाकार थे यह गोलकोंडा किले से 2 किलोमीटर की दुरी पर है दिखावे के तौर पर मस्जिद में पाँच वक्र है सभी वक्र पे कमल बना हुआ है एक बिच का वक्र जो सबसे बड़ा और अत्यधिक सजा हुआ है ।

नया किला –

 नया किला गोलकोंडा किले का ही एक विस्तारित रूप है जब लोग यहा रहने आने लगे तब इस किले का निर्माण किया गया इस किले में एक हाथी के आकार का वृक्ष बना हुआ है जिसे स्थानीय लोग हटिया का झाड़ कहते थे इस किले में युद्ध मस्जिद भी बना हुआ है।

कुतुब शाही कब्र –

कुतुब शाही कब्र सुल्तान की कब्र है जो की गोलकोंडा किले के बाहर की ओर उतरी दिशा से 1 किलोमीटर की दुरी पर बनी हुयी है ये दिखने में बहुत ही सुन्दर और विशेष प्रकार के पत्थरों से बनी हुयी है इसके चरो और हर भरा भाग भी बना हुआ है ।

महाकाली मंदिर –

महाकाली का मंदिर किले के सबसे ऊपरी भाग पर स्थित है यह मंदिर काफी प्रसिद है राजा – इब्राहिम कुली कुतुब शाह अपनी प्रजा के बीच बहुत प्रिय होने के कारण उसे हिंदुओं द्वारा मलकाभिराम कहा जाता था।

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गोलकुंडा किले की कुछ रोचक बातें (Golconda Fort Interesting facts):-

एंट्री पर बजाएं ताली –

गोलकोंडा किले में बाला हिसार पवेलियन नमक एक जगह है जो की किले की सबसे ऊँची जगह है ये एंट्री से लगभग 1 किलोमीटर की दुरी पर है वहा रहने वाले और पर्यटको का कहना है कि अगर आप एंट्री गेट पर ताली बजाते हैं तो उसकी आवाज आपको बाला हिसार पवेलियन तक सुनाई देती है यही नहीं बल्कि आप प्रवेश द्वार पर कोई बात करते हैं तो वह पूरी इस जगह में गूंजती है।

मौजूद है 400 वर्ष पुराना पेड़ –

किले के अंदर एक 400 वर्ष पुराना अफ्रीकी बाओबाब पेड़ है इसका पेड का आकार हाथी के आकार के जेसा है और इसका घेरा 27.40  मीटर (89 फिट ) है हेस कहा जाता है।

की अरब के व्यापारियों ने इसे सुल्तान कुली कुतुब शाह को उपहार के रूप में दिया था  इस पेड़ की शाखाओं के बीच में एक गुफा है। ये पेड़ अभी भी किले ने मोजूद है ।

गुप्त सुरंगें –

असा मन जाता है की किले में गुप्त भूमिगत सुरंग मोजूद है जो एक दरबार से होती हुयी पहड़ीयो पर स्थित एक महल में जाती है इस का निर्माण राजघरानों के लिए बचने के रूप में किया गया था लेकिन ये मार्ग तब से किसी को नही मिला।

विश्व प्रसिद हीरे –

आपको बता दें कि दुनिया के बेशकीमती हीरे जैसे दरिया-ए-नूर, नूर-उल-एन डायमंड, कोहिनूर, होप डायमंड, रीजेंट डायमंड, भारत से बाहर जाने से पहले भारत में स्थित गोलकोंडा के सुल्तान के नियंत्रण में थे।

साउंड एंड लाइटिंग शो –

इस किले के अंदर साउंड एंड लाइटिंग शो होता है जो की बहुत प्रसिद और आकर्षण का मुख्य केंद्र हैं।

गोलकुंडा किले का साउंड एंड लाइटिंग शो की पूरी जानकारी  (Full Information of Golconda Fort Sound and Lighting show):-

गोलकोंडा किला हेदराबाद में प्रसिद जगहों में से एक माना जाता है इस किले की सबसे प्राचीनता के कारण सभी पर्यटन स्थलों से अलग करती है यह गोलकुंडा किला यहां होने वाले साउंड एंड लाइटिंग शो के कारण बहुत प्रसिद्ध माना जाता है और हमेशा एक दिन में 2 शो होते है।

जब भी आप गोलकुंडा किले में यात्रा की योजना बनाते हैं तो आपको यह शो जरूर देखना चाहिए।

Sound and light show Image

साउंड एंड लाइट शो कौन कौन सी भाषा में उपलब्ध है (In which language is the sound and light show available?):-

पहला शो – अंग्रेजी में (हफ्ते में सभी दिन)

दूसरा शो – तेलुगु में (सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को)

दूसरा शो – हिंदी में (मंगलवार, गुरुवार, शनिवार और रविवार को)

लाइट एंड साउंड शो का समय ( Golconda Fort Sound And Light Show Timings):-

नवंबर से फरवरी-

पहला शो – शाम 6:30 बजे

दूसरा शो – शाम 7:45 बजे

मार्च से अक्टूबर-

पहला शो – शाम 7:00 बजे

दूसरा शो – शाम 8:15 बजे

लाइट एंड साउंड शो टिकट की फीस (Golconda Fort Sound And Light Show Ticket Price):-

कार्यकारी वर्ग के वयस्कों के लिए140 ₹
कार्यकारी वर्ग के बच्चों के लिए110 ₹
सामान्य वर्ग के वयस्कों के लिए80 ₹
सामान्य वर्ग के बच्चों के लिए60 ₹

गोलकोंडा किले के साउंड और लाइट शो के बुकिंग नंबर (Golconda Fort Sound And Light show booking number):-

9640069290

गोलकोंडा किले के मोबाईल नंबर (Golconda fort phone number):-

04023512401

गोलकोंडा किले के आसपास पर्यटन स्थल (Tourist place around Golconda Fort):-

अगर आप हेदराबाद या गोलकोंडा लिका देखने जा रहे है तो आप को यह भी जरुर जाना चाहिए जो की हेदराबाद की प्रसिद जगहों में से एक है देखने लायक और बहुत ही सुंदर जगह है ये सभी गोलकोंडा किले के समीप ही स्थित है।

जो कि फेमस भी है कई मंदिर, मस्जिद जेसे श्री जगन्नाथ मंदिर, बिड़ला मंदिर, मक्का मस्जिद, चिलकुर बालाजी मंदिर, श्री राम चन्द्र स्वामी मंदिर आदि हेदराबाद के प्रसिद, प्राचीन और अद्भुद है यही नही इसके अलावा कई फेमस जगह जेसे चारमीनार, हुसैन सागर झील, चौमहल्ला पैलेस, कुतुब शाही मकबरा, नेहरू जूलॉजिकल पार्क और नागार्जुनसागर आदि भी देखने लायक जगह है।  

रामोजी फिल्म सिटी –

यह परिवार के साथ घूमने लायक अची जगह है रामोजी फिल्म सिटी को भारत में डरावनी जगह में से एक माना जाता है यह 2 एकड़ में फेली हुयी है इसमें मूवी और सीरियल्स की शूटिंग के लिए नकली हवाई अड्डा, अस्पताल, सड़क, मंदिर, जेल, भव्य बंग्ले मोजूद है ये ही नही इस के अलेवा आप यह पर मोजूद रामोजी फिल्म सिटी एंटरटेनमेंट पार्क का भी आनंद ले सकते हैं।

Ramoji Film City

सालारजंग म्यूजियम –

ये हेदराबाद का सबसे बड़ा म्यूजियम है और इस म्यूजियम में कई अनमोल और अनोखी वस्तुओ का समावेश है यह प्राचीन कलाकृतियां, औरंगजेब की तलवार, मिस्र से फर्नीचर, पेंटिंग, टीपू सुल्तान की अलमारी, मूर्तियां और भी कई अनमोल वस्तुए देखने को मिलेगी।

Salarjug Museum  Image

बिड़ला विज्ञान संग्रहालय (Birla science museum)

यह बिड़ला विज्ञान संग्रहालय दुनिया में सबसे अच्छी विज्ञान संस्थानों में से एक माना जाता है इस संग्रहालय में आप को वैज्ञानिको द्वारा खोजी गयी वस्तुओ का समावेश देखने को मिलेगा इस बिड़ला विज्ञान संग्रहालय में प्राचीन लिपि की पुस्तके, राजा महाराजो के हथियार, कई रहस्यों को उजागर करने वाले तारामंडल तथा डायनासोरियम” नाम की नेचुरल हिस्ट्री गैलरी भी देखने लायक है।

Birla science museum image

स्नो वल्र्ड (Snow World)-

ये हेदराबाद की सबसे अच्छी जगहों में से एक मानी जाती है यह आप परिवार के साथ जा सकते है ये स्नो वल्र्ड 17 हजार से भी बहुत अधिक क्षेत्र में फैली हुई बर्फ की दुनिया है जिसे आधुनिक तकनीक के द्वारा बनाया गया है।

इसके अंदर का तापमान माइनस 5 डिग्री तक होता है इस स्नो वर्ल्ड के अंदर आपको किड्स स्नो प्ले एरिया, स्नो स्लाइड, स्नो मेरी-गो-राउंड, मूर्तियां, स्नो बास्केटबॉल, स्नो माउंटेन, वॉली बॉल, डांसिंग और एक आईस होटल आदि एंटरटेनमेंट की चीजें देखने को मिलेगी।

Snow World Image

गोलकोंडा किले में घूमने का सही समय,खुलने का समय और प्रवेश शुल्क :-

घूमने का सही समय :-

अगर आप गोलकोंडा किला घूमने जाने का विचार बना रहे हैं तो हम आपको बता दें कि वैसे तो साल में आप कभी भी जा सकते हैं लेकिन अप्रैल से जून तक के महीने में ना जाए क्योंकि इन महीनों में राजस्थान में गर्मी बहुत पड़ती है इसलिए आप नवंबर से लेकर मार्च तक के महीनों में वहां घूमने जा सकते हैं इस समय मौसम ठंडा रहता है और देखने लायक होता है।

खुलने का समय :-

गोलकुंडा किला सुबह 9:00 बजे से लेकर शाम को 5:30 बजे तक खुला रहता है।

प्रवेश शुल्क :-

        भारतीयों के लिए    25 ₹
       विदेशियों के लिए   300 ₹
     वीडियो कैमरे का चार्ज   25 ₹

गोलकोंडा किले तक केसे पहुंचे (How to reach Golconda Fort) :-

ट्रेन से गोलकोंडा किले तक केसे पहुंचे :-

अगर आप ट्रेन से जाने की सोच रहे हैं तो आप को बता दे की शहर में तीन प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं- सिकंदराबाद, हैदराबाद और काचीगुडा रेलवे स्टेशन। जी की दक्षिण और उत्तर भारत के लिए जाने वाली ट्रेनें हैदराबाद से जाती है और सिकंदराबाद से होकर गुजरती हैं। रेलवे स्टेशन से आप बस या टेक्सी ले सकते है और किले तक पहुच सकते है।

हवाई अड्डा से गोलकोंडा किले तक केसे पहुंचे :-

अगर आप हवाई जहाज से जाना चाहते हैं तो राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा जो की शहर से केवल 22 किमी दूर पर  स्थित है हवाई अड्डे से आप बस या टेक्सी की मदद से किले तक पहुंच सकते है।

सड़क मार्ग से गोलकोंडा किले तक केसे पहुंचे :-

अगर आप सड़क मार्ग के रास्ते से जाना चाहते हैं तो आप खुद के साधन से भी जा सकते हैं यह गोलकोंडा किला सड़क मार्ग के द्वारा सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है और सभी शहरों में चलने वाली सार्वजनिक बसे भी आपको गोलकोंडा किले तक पहुंचा सकती हैं।

गोलकोंडा किले तक पहुंचने का मेप :-

                     

सवाल जवाब (Question Answer) :-

गोलकुंडा किला कहां स्थित है?

हैदराबाद, तेलंगाना

गोलकुंडा किला कौन से राज्य में है?

तेलंगाना

गोलकुंडा किले का निर्माण किस राजवंश ने किया?

कातिया राजवंश ने

गोलकुंडा किले की स्थापना कब हुई?

गोलकुंडा किले की स्थापना 13वीं शताब्दी में हुई

गोलकुंडा किला कितना पुराना है?

किला 400 साल पुराना है

गोलकुंडा किला क्यों फेमस है?

  गोलकुंडा किले में होने वाले साउंड एंड लाइट शो के कारण यह बहुत फेमस है

गोलकुंडा किला प्रेरकों के लिए कितने बजे खुलता और बंद होता है?

गोलकुंडा किला सुबह 9:00 बजे से शाम को 5:00 बजे तक खुलता है

सबसे महत्वपूर्ण बाते (Most important topic) :-

दोस्तों की ऐतिहासिक इमारतों महलों और पर्यटक स्थलों पर यात्रा अवधि टिकट के पैसे जैसे छोटी चीजें बदलती रहती है।

यदि अगर आप को इनके बारे में पता है तो आप कमेंट में जरूर लिखें हम आपके द्वारा दी गई जानकारी जल्द ही अपडेट कर देंगे और यदि इस पोस्ट में हमसे कोई गलती हो गई है तो वह जरूर बताएं।

धन्यवाद

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