जूनागढ़ किले का इतिहास और किले में घूमने की पूरी जानकारी

Junagarh Fort History in Hindi
Junagarh Fort

नमस्कार आपका हमारे Knowledge with ruchi.com blog मैं स्वागत है भारत अपने इतिहास और भूगोल के लिए दुनिया में प्रसिद्ध है भारत में बहुत से किले और महल बने हुए हैं जो कि अपने इतिहास के लिए जाने जाते हैं साथ ही कई प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहरे भी मौजूद है जिन्हें यूनेस्को और नेशनल वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल किया गया है।

आज हम ऐसे ही एक किले के बारे में जानेंगे जिसका नाम है “ जूनागढ़ किला

यदि आप ऐतिहासिक धरोहरों को देखने या उनके बारे में जानने के शौकीन है तो आर्टिकल को शुरू से अंत तक पूरा पढ़ें।

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जूनागढ़ किला का इतिहास (Junagarh Fort History in Hindi):-

Junagarh Fort
Junagarh Fort

जूनागढ़ किले का शुरुआती निर्माण महाराज राव बीका द्वारा 1478 ईस्वी में करवाया गया था जो कि प्राचीन समय में एक चट्टान किले के रूप में बना हुआ था वर्तमान समय में स्थित जूनागढ़ किले का निर्माण किले को सुरक्षित रखने के लिए बाद में किया गया।

बीकानेर शहर की स्थापना सन 1472 में हुई जो जूनागढ़ किले के चारों तरफ फैला हुआ है इतिहासकारों का ऐसा कहना है कि जूनागढ़ किले को हासिल करने के लिए कई राजाओं ने इस पर हमले किए लेकिन एक राजा के अलावा सभी असफल रहे।

महाराज राम तेज सिंह के शासनकाल के दौरान बाबर के पुत्र कामरान मिर्जा ने सन 1534 में केवल 1 दिन के लिए जूनागढ़ किले को हासिल कर लिया था इसके पश्चात किले के छठे शासक राजा राय सिंह के शासनकाल के दौरान किले को विकसित किया गया।

जिन्होंने जूनागढ़ किले और बीकानेर पर सन 1571-1611 तक शासन किया राजा राय सिंह ने बाद में मुगल शासन को स्वीकार किया।

जहांगीर और अकबर के शासनकाल के दौरान सर्वोत्तम पद प्राप्त किया राजा राय सिंह ने कई युद्धों में जीत हासिल करने के बाद 17 फरवरी 1589 में जूनागढ़ किले का भव्य निर्माण शुरू करवाया जो 17 जनवरी 1594 में पूरा हुआ।

रायसिंह एक कलात्मक राजा थे जिन्होंने किले का निर्माण बेहद ही सुंदर और भव्य धार मरुस्थल के बीच करवाया।

जूनागढ़ किले की वास्तुकला (Architecture of Junagarh Fort):-

Junagarh Fort
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जूनागढ़ किला बीकानेर के सभी प्रसिद्ध किलो में से एक है जो राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थित है जिसकी बेहद ही आकर्षक वास्तुकला है यह किला किसी एक वास्तुकला से निर्मित नहीं है बल्कि कई संस्कृतियों का मिश्रण है।

सर्वप्रथम किले को राजपूत शैली से निर्मित किया गया था लेकिन उसके पश्चात जूनागढ़ किले को राजधानी शैली और मुगल शैली से भी निर्मित किया गया।

जूनागढ़ किला 63119 वर्ग यार्ड के क्षेत्रफल में फैला हुआ है जो आयताकार संरचना के साथ-साथ 1078 यार्ड की लंबाई में भी बना हुआ है सर्वप्रथम यह किला पुराने पत्थरों से निर्मित था लेकिन बाद में इस किले का निर्माण भव्य और सुंदर वास्तुकला शैली से किया गया।

Junagarh fort
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इस किले में और भी कई सुंदर महल बने हुए हैं किले की समस्त संरचना उन राजाओं से प्रभावित है जो किले पर शासन किया करते थे जूनागढ़ किला विशेष प्रकार के लाल पत्थर और किले के महलों की दीवारें सुंदर संगमरमर के पत्थरों से निर्मित है।

किले के अंदर कई प्रमुख महल बने हुए हैं जिन्हें करण महल, गंगा महल, बादल महल, फूल महल और अनूप महल के नाम से जाना जाता है।

इन सभी महलों की अलग -अलग खासियत और अलग -अलग नकाशी से निर्मित है जोकि किले की सुंदरता पर चार चांद लगाती है इसके अलावा जिले में आकर्षक करने वाली कई सुंदर इमारतें भी मौजूद है।

जूनागढ़ किले के द्वार (Junagarh Fort Gates)-

Junagarh Fort
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जूनागढ़ किले में 7 द्वार मौजूद हैं जिनमें से करण द्वार और सूरजपोल मुख्य द्वार हैं सूरजपोल पूर्व में स्थित होने के कारण इसे सूरजपोल नाम दिया।

जब द्वार पर सूरज की रोशनी पड़ती है तो सूरजपोल का दृश्य सुनहरा होता है सूरजपोल दरवाजे को लाल पत्थर से बनी हाथियों की दो मूर्ति और महीन नकाशीदार शैलियों से सजाया गया है।

किले में चांदपोल, फतेह पोल और दौलत पोल (डबल गेट) अन्य द्वार हैं जिनमें से दौलत पोल पर कई महिलाओं के हाथ के निशान बने हुए हैं ऐसा कहा जाता है कि यह हाथ के निशान उन महिलाओं के हैं जिनके पति युद्ध में मारे गए थे जिसके बाद उन महिलाओं ने भी आत्महत्या कर ली थी।

जूनागढ़ किले में लोकप्रिय पर्यटक स्थल (Tourist place Inside of Junagarh Fort):-

Junagarh Fort
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जूनागढ़ किले में प्रसिद्ध और प्राचीन नारायण मंदिर है जो शिक्षा ही मंदिर के रूप में है यह मंदिर भगवान लक्ष्मी नारायण और उनकी पत्नी लक्ष्मी जी को समर्पित है इसके अलावा भगवान कृष्ण को समर्पित एक रतन बिहारी मंदिर भी मौजूद है जो कि जूनागढ़ किले के पास ही स्थित है।

फूल महल (Phool Mahal)-

फूल महल का निर्माण महाराज राय सिंह के द्वारा करवाया गया था इतिहासकारों ऐसा कहना है कि यह फूल महल जूनागढ़ किले का सबसे प्राचीन महल है।

चंद्र महल (Chandra Mahal)-

चंद्र महल जूनागढ़ किले का सबसे सुंदर और शानदार नकाशीदार महल है और यह महल सौंदर्य से भरपूर है।

करण महल (Karan Mahal)-

करण महल का निर्माण सन 1680 में करण सिंह के द्वारा करवाया गया था ऐसा कहा जाता है कि इस महल का निर्माण औरंगजेब से युद्ध में जीत के कारण बनवाया था।

गंगा महल (Ganga Mahal)-

गंगा महल का निर्माण राजा गंगा सिंह के द्वारा 20 वीं शताब्दी में करवाया गया था वर्तमान समय में गंगा महल को एक संग्रहालय में बदल दिया गया है।

Junagarh Fort
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अनूप महल (Anup Mahal)-

जूनागढ़ किले में स्थित अनूप महल का उपयोग प्राचीन समय में विशेष रूप से राज्य के प्रशासनिक मुख्यालय के रूप में किया जाता था यह एक इमारत के रूप में है जिसमें कई मंजिलें बनी हुई है और विशेष प्रकार की डिजाइन से सजाया गया है।

बादल महल (Badal Mahal)-

बादल महल का निर्माण अनूप महल को भव्य विस्तार करके बनाया गया है इस महल में कई प्राचीन शानदार पेंटिंगो को रखा गया है।

जूनागढ़ किले के आसपास पर्यटक स्थल (Tourist place around of Junagarh Fort):-

Junagarh Fort
Junagarh Fort

अगर आप जूनागढ़ किले में घूमने का प्लान बना रहे है तो आप को बता दे की राजस्थान के बीकानेर जिले में जूनागढ़ किले के अलावा भी कई प्रसिद लोकप्रिय पर्यटक स्थल है जो जूनागढ़ किले के नजदीक ही स्थित है जो बेहत ही प्रसिद भी माने जाते है जहाँ आप को बीकानेर की यात्रा के दोरान अवश्य जाना चाहिए।

  • गजनेर झील
  • गजनेर पैलेस
  • गजनेर वन्य जीव अभ्यारण
  • करणी माता मंदिर
  • जूनागढ़ का किला
  • कोलायत मंदिर
  • कोलायत झील
  • लालगढ़ पैलेस
  • देवी कुंड सागर
  • लक्ष्मीनाथ मंदिर
  • गंगा सिंह संग्रहालय
  • शिव बाड़ी मंदिर
  • रामपुरिया हवेली
  • सादुल सिंह संग्रहालय
  • भांडासर जैन मंदिर
  • ऊंट अनुसंधान केंद्र

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बीकानेर का प्रसिद्ध भोजन (Famous Food of Bikaner in Hindi) :-

Famous Food of Bikaner
Famous Food of Bikaner

जूनागढ़ किला राजस्थान के ऐतिहासिक और सबसे प्रसिद्ध जगहों में से एक माना जाता है जहां जूनागढ़ किले को देखने हजारों संख्या से भी अधिक पर्यटक आते हैं तथा यहां के स्वादिष्ट भोजन का स्वाद लेते हैं।

यदि आप भी यहां के स्वादिष्ट भोजन का स्वाद लेना चाहते हैं तो हम आपको बता दें कि वैसे तो यहां के सभी भोजन स्वादिष्ट है जेसे दाल -बाटी -चूरमा, दूध -जलेबी, खट्टा -पकौड़ी और स्नेह के समय कचोरी और समोसा का स्वाद ले सकते है।

लेकिन बीकानेर की नमकीन पापड़ और बीकानेरी भुजिया सबसे पसंदीदा फूड और प्रसिद्ध है जो की बेहद ही स्वादिष्ट और खास तरीके से बनाई जाती है।

जूनागढ़ किले में घूमने का सही समय, खुलने का समय और प्रवेश शुल्क :-

Junagarh Fort
Junagarh Fort

घूमने का सही समय 

अगर आप जूनागढ़ किले में घूमने जाने का विचार बना रहे हैं तो हम आपको बता दें कि वैसे तो साल में आप कभी भी जा सकते हैं लेकिन आप सितम्बर से लेकर मार्च तक के महीनों में वहां घूमने जा सकते हैं इस समय मौसम ठंडा रहता है और जूनागढ़ फोर्ट बेहत खुबसूरत लगता है। और इस समय आप जूनागढ़ किले के अलावा भी बीकानेर के ओर भी प्रसिद स्थल घूम सकते है।

खुलने का समय :-

जूनागढ़ किला सुबह 10:00 बजे से लेकर शाम को 4:30 बजे तक खुला रहता है।

प्रवेश शुल्क :-

भारतीयों के लिए    50 ₹
भारतीय बच्चो के लिए   30 ₹
विदेशियों के लिए 300 ₹
विदेशिय बच्चो के लिए 150 ₹

जूनागढ़ किले तक केसे पहुंचे (How to reach Junagarh Fort) :-

ट्रेन से जूनागढ़ किले तक केसे पहुंचे :-

अगर आप ट्रेन से जाने की सोच रहे हैं तो आप को बता दे की जूनागढ़ किले के सबसे नजदीक बीकानेर रेलवे स्टेशन है भारत के सभी प्रमुख रेलवे स्टेशन से भी जुड़ा हुआ है रलवे स्टेशन से आप बस या टेक्सी ले सकते है और किले तक पहुच सकते है।

फ्लाइट से जूनागढ़ किले तक केसे पहुंचे :-

अगर आप हवाई जहाज से जाना चाहते हैं तो बता दे की जोधपुर हवाई अड्डा जूनागढ़ किले के सबसे नजदीक हवाई अड्डा है जो भारत के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है हवाई अड्डे से आप बस या टेक्सी की मदद से किले तक पहुंच सकते है।

सड़क मार्ग से जूनागढ़ किले तक केसे पहुंचे :-

अगर आप सड़क मार्ग के रास्ते से जाना चाहते हैं तो आप खुद के साधन से भी जा सकते हैं यह बीकानेर शहर सड़क मार्ग के द्वारा सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है और सभी शहरों में चलने वाली सार्वजनिक बसे भी आपको बीकानेर शहर या जूनागढ़ किले तक पहुंचा सकती हैं।

जूनागढ़ किले तक पहुंचने का मेप :-

सवाल जवाब (Question Answer) :-

जूनागढ़ किला कहां स्थित है?

भारत में राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थित है।

जूनागढ़ किले की स्थापना कब हुई?

जूनागढ़ किले का सर्वप्रथम निर्माण 1478 ईस्वी में हुआ और 17 फरवरी 1589 में किले का भव्य निर्माण शुरू करवाया गया।

जूनागढ़ किले का निर्माण किसने किया?

महाराज राव बीका ने और भव्य निर्माण राजा राय सिंह ने।

जूनागढ़ किला प्रेरकों के लिए कितने बजे खुलता और बंद होता है?

सुबह 10:00 बजे से लेकर शाम को 4:30 बजे तक खुला रहता है।

जूनागढ़ किला क्यों फेमस है?

यह किला अपनी शानदार वास्तुकला और किले में सुंदर नक्काशीदार के महलो होने के कारण काफी फेमस है।

सबसे महत्वपूर्ण बाते (Most important topic) :-

दोस्तों की ऐतिहासिक इमारतों महलों और पर्यटक स्थलों पर यात्रा अवधि टिकट के पैसे जैसे छोटी चीजें बदलती रहती है।

यदि अगर आप को इनके बारे में पता है तो आप कमेंट में जरूर लिखें हम आपके द्वारा दी गई जानकारी जल्द ही अपडेट कर देंगे और यदि इस पोस्ट में हमसे कोई गलती हो गई है तो वह जरूर बताएं।

धन्यवाद

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